window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'G-VQJRB3319M'); वनोपजों का संग्रहण,विपणन एवं मूल्य निर्धारण कर सकेगी ग्रामसभा - ललिता कर्णे" - MPCG News

वनोपजों का संग्रहण,विपणन एवं मूल्य निर्धारण कर सकेगी ग्रामसभा – ललिता कर्णे”

“”वनोपजों का संग्रहण,विपणन एवं मूल्य निर्धारण कर सकेगी ग्रामसभा – ललिता कर्णे””
“”जल,जंगल,जमीन,श्रमिक,परंपराएं एवं संस्कृति है पेसा नियमों का पंचामृत – देवहंस””
“”श्रमिकों का रुकेगा शोषण,अधिकारों की होगी सुरक्षा सुनिश्चित – मधु चौहान””

 

आठनेर।आदिवासी परम्परा, रीतिरिवाजों,संस्कृति आदि का संरक्षण करना एवं उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पेसा अधिनियम बनाया गया है इसके अंतर्गत गांव में तालाबों का प्रबंधन अब ग्राम सभा करेगी।तालाब,जलाशय में मछली पालन और सिंघाड़ा उत्पादन आदि गतिविधियां कर सकती है।इससे होने वाली आय ग्रामसभा के पास जाएगी।इसके साथ ही ग्रामसभा वनोपजों जैसे अचार गुठली, करंज बीज,महुआ,लाख,गोंद,हर्रा,बहेरा, आंवला आदि का संग्रहण,विपणन,मूल्य निर्धारण और विक्रय कर सकेगी।ग्राम सभा चाहे तो तेंदूपत्ते का संग्रहण और विपणन भी खुद कर सकती है।उक्त जानकारी मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड आठनेर द्वारा आयोजित सेक्टर स्तरीय एक दिवसीय पेसा प्रशिक्षण कार्यशाला धनोरी में जिला पेसा मास्टर ट्रेनर ललिता कर्णे द्वारा बताई गई।प्रशिक्षण में जानकारी देते हुए पेसा ब्लॉक समन्वयक शिवशंकर देवहंस ने बताया कि शासकीय या सामुदायिक भूमि के उपयोग में परिवर्तन के पहले ग्राम सभा से परामर्श करना होगा।हस्तांतरण,पट्टा,अनुबंध,कृषि,बिक्री,गिरवी अथवा अन्य किसी कारण से निजी भू-स्वामी के परिवर्तन होने की दशा में ग्रामसभा को पहले सूचना देनी होगी अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति की भूमि की नीलामी की दशा में उक्त भूमि को अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को विक्रय करने की पहल की जाएगी।यदि हम सरल शब्दों में कहा जाए तो जल,जंगल,जमीन,श्रमिक,परंपराएं एवं संस्कृति ये पेसा नियमों का पंचामृत है।मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद की विकासखंड समन्वयक मधु चौहान ने प्रशिक्षण में बताया कि ग्राम सभा के पास काम के लिए बाहर जाने वाले सभी लोगों की सूची रहेगी।गांव के जो लोग मनरेगा आदि में मजदूरी कर रहे है,उनके काम के बदले उन्हें पूरी मजदूरी मिले,इसकी चिंता भी ग्राम सभा करेगी।इससे श्रमिकों का शोषण रुकेगा एवं उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी।प्रशिक्षण के पश्चात स्थानीय ग्रामीणों की मदद से नजरी नक्शा बनाया गया एवं ग्राम सभा गठन की प्रक्रिया को पूर्ण किया गया।विदित हो की 9 सितंबर से 13 सितंबर तक जिले के ट्राइबल ब्लॉकों में पेसा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सेक्टर स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है।प्रशिक्षण में पंचायत के सचिव,रोजगार सहायक,पंचायत पेसा मोबेलाइजर,प्रस्फुटन समिति सदस्य,सी एम सी एल डी पी छात्रों सहित पंचायत के समाजसेवी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण के द्वारा किया गया।

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