दावेदारों की नजर कुर्सी पर और कुर्सी की नजर आदेश पर
जिसके जितने मजबूत शुभचिंतक, उसकी उतनी मजबूत उम्मीद, आदेश का इंतजार जारी

बैतूल। प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी और जिले की पहली सबसे बड़ी नगर पालिका सारणी की CMO वाली कुर्सी इन दिनों खाली क्या हुई, मानो पूरे प्रदेश के अधिकारियों के दिल की धड़कन बढ़ गई। जिस कुर्सी पर आठ साल तक एक ही खिलाड़ी डटा रहा, उसके खाली होते ही अब हर कोई खुद को अगला “सिंहासन का असली हकदार” मान रहा है। नगरपालिका के गलियारों में चर्चा है कि इन दिनों कुछ अधिकारी सुबह भगवान के दर्शन कर रहे हैं, दोपहर में माननीय के और शाम को मंत्रालय के। यानी जहां से उम्मीद दिखी, वहीं माथा टेक दिया।
सूत्रों की मानें तो इस कुर्सी के लिए दावेदारों की फेहरिस्त इतनी लंबी है कि अगर सभी का बायोडाटा जोड़ दिया जाए तो नगर पालिका का एक नया रिकॉर्ड बन जाए।
पहली दावेदार एक महिला CMO हैं, जो दूसरे जिले की एक छोटी नगर पालिका में पदस्थ हैं। मजेदार बात यह है कि उन्हें किसी माननीय के दरबार में हाजिरी लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। चर्चा है कि उनके परमेश्वर सीधे ऐसे स्थान पर विराजमान हैं, जहां से कई किस्मतों की फाइलें बिना नोटशीट के ही आगे बढ़ जाती हैं।
दूसरे दावेदार भी कम नहीं हैं। वे जिले की एक तहसील नगर पालिका में पदस्थ हैं और इन दिनों माननीय के दरबार में ऐसी नियमित उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, मानो बायोमेट्रिक मशीन भी शर्मा जाए। उम्मीद यही कि एक दिन हाजिरी का इनाम ट्रांसफर आदेश के रूप में मिल जाए।
तीसरे साहब संभाग की एक नगर पालिका में सेवाएं दे रहे हैं। बताया जाता है कि उनकी कोशिशें भी पूरे वेग से चल रही हैं। फाइलें दौड़ रही हैं, फोन घूम रहे हैं और शुभचिंतकों की सक्रियता भी चरम पर है।
उधर एक और दावेदार, जो फिलहाल राजस्व विभाग में प्रभार संभाले हुए हैं, इस कुर्सी के लिए मंत्रालय के इतने चक्कर लगा चुके हैं कि वहां के सुरक्षा गार्ड भी उन्हें नाम से पहचानने लगे हैं। झोला लेकर पहुंचना और उम्मीदों का पुलिंदा बांधकर लौटना उनकी नियमित दिनचर्या बन गई है।
किस्मत रही तो हम भी यही से सेवानिवृत्त होंगे ?
जानकार बताते हैं कि जिले की सबसे बड़ी नगर पालिका में कमाई का पहिया भी सबसे तेज गति से घूमता है। यही वजह है कि इस कुर्सी की चमक दूर-दूर तक दिखाई देती है। चर्चा तो यहां तक है कि दावेदार किसी माननीय के दरबार में जाएं या मंत्रालय में झोला भरकर अर्जी स्वरूप भेंट चढ़ाकर आएं, यदि किस्मत से यह कुर्सी मिल गई तो उतनी ही तेज गति से उनके घर-परिवार की गाड़ी भी फर्राटा भरने लगेगी।
अब देखना दिलचस्प होगा कि आखिर इस हॉट सीट पर किसकी लॉटरी लगती है। फिलहाल नगर पालिका की कुर्सी खाली है, लेकिन दावेदारों की कल्पनाओं में उस पर कई लोग एक साथ बैठ चुके हैं।

