दुकान की सीमा लांघकर निर्माण करने का आरोप, जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल
बैतूल/सारणी। मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (एमपीपीजीसीएल) के नगरीय क्षेत्र सारणी में अतिक्रमण की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जों के बीच अब शॉपिंग सेंटर जैसे महत्वपूर्ण परिसर तक अतिक्रमण पहुंच गया है। आरोप है कि जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता के कारण अतिक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद हैं और कार्रवाई का कोई डर दिखाई नहीं दे रहा।
आवंटित सीमा से आगे बढ़ाकर निर्माण का आरोप
सारणी शॉपिंग सेंटर के प्रथम तल पर एमपीपीजीसीएल द्वारा विभिन्न दुकानों का आवंटन किया गया है। इनमें संचालित साईनाथ किराना स्टोर पर आरोप है कि दुकान संचालक ने बिना विभागीय अनुमति के अपनी आवंटित सीमा से आगे बढ़कर सार्वजनिक हिस्से पर स्थायी निर्माण कर लिया है। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर निर्माण किया गया है, वह मूल आवंटन का हिस्सा नहीं है। यदि यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह एमपीपीजीसीएल की संपत्ति पर सीधा अतिक्रमण माना जाएगा।
सार्वजनिक स्थल पर कब्जे से उठे सवाल
जिस स्थान पर कथित अतिक्रमण किया गया है, वह शॉपिंग सेंटर का प्रमुख सार्वजनिक स्थल माना जाता है। यहां समय-समय पर राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। नेताओं के जनसंबोधन, सांस्कृतिक आयोजनों और कथा-प्रवचनों के लिए भी इसी स्थान का उपयोग किया जाता रहा है। ऐसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर निजी उपयोग के लिए निर्माण किए जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है और विभागीय निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
सिविल, सुरक्षा और संपदा विभाग की भूमिका पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने प्रमुख स्थान पर निर्माण कार्य बिना जिम्मेदार विभागों की जानकारी के संभव नहीं है। ऐसे में एमपीपीजीसीएल के सिविल, सुरक्षा एवं संपदा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह अन्य अतिक्रमणकारियों के लिए भी गलत संदेश होगा और भविष्य में सार्वजनिक संपत्तियों पर कब्जे की घटनाएं बढ़ सकती हैं। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एमपीपीजीसीएल प्रशासन मामले की जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करता है या नहीं।
इनका कहना है (1) पूरे सारणी क्षेत्र में कई स्थानों पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। शॉपिंग सेंटर में भी यदि साईनाथ किराना स्टोर द्वारा अतिक्रमण किया गया है और इसकी लिखित शिकायत प्राप्त होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एस.के. लिल्लोरे, मुख्य अभियंता, एमपीपीजीसीएल, सारणी (2) आपके माध्यम से जानकारी मिली है कि साईनाथ किराना स्टोर के संचालक द्वारा मूल आवंटित स्थान से आगे निर्माण किया गया है। मामले की जांच कराई जाएगी और यदि अतिक्रमण पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अभय गुमास्ता, सहायक अभियंता (सिविल), एमपीपीजीसीएल, सारणी

