window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'G-VQJRB3319M'); घोड़ाडोंगरी में राम भरोसे जनपद पंचायत: न सीईओ, न प्रभार… 55 पंचायतों की व्यवस्था पूरी तरह लावारिस - MPCG News

घोड़ाडोंगरी में राम भरोसे जनपद पंचायत: न सीईओ, न प्रभार… 55 पंचायतों की व्यवस्था पूरी तरह लावारिस

पंचायत कार्यालयों में लटक रहे ताले, योजनाओं और विकास कार्यों पर लगा ब्रेक
जीत आम्रवंशी, 9691851267

बैतूल/घोड़ाडोंगरी। जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी की प्रशासनिक व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह भगवान भरोसे चलती नजर आ रही है। हालात ऐसे हैं कि न तो जनपद पंचायत में नियमित मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पदस्थ हैं और न ही किसी अधिकारी को विधिवत प्रभार सौंपा गया है। इसका सीधा असर जनपद पंचायत के अधीन आने वाली 55 ग्राम पंचायतों के संचालन, विकास कार्यों और आम जनता की समस्याओं के निराकरण पर पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि 6 जुलाई को तत्कालीन सीईओ तीजा पवार के तबादले के बाद से जनपद पंचायत की कमान किसी के हाथ में नहीं है। इसके चलते कार्यालय में प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर पड़ गया है। आरोप हैं कि कई अधिकारी और कर्मचारी अपनी सुविधानुसार काम कर रहे हैं, जबकि कई मामलों में फाइलों का निस्तारण पूरी तरह ठप हो गया है।

पंचायतों में भी दिखने लगा असर

जनपद स्तर पर नेतृत्व का अभाव अब ग्राम पंचायतों तक पहुंच गया है। कई पंचायतों में सरपंच, सचिव और सहायक सचिव की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई पंचायत कार्यालय नियमित रूप से नहीं खुल रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, निर्माण कार्यों, योजनाओं और अन्य जरूरी कामों के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

फाइलों पर धूल, जनता परेशान

जनपद पंचायत कार्यालय में विभिन्न योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों से जुड़ी अनेक फाइलें लंबित पड़ी हैं। आवेदकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन निर्णय लेने और जिम्मेदारी तय करने वाला अधिकारी नहीं होने से काम अटक रहे हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

पांच साल में कोई सीईओ नहीं टिक पाया

जानकारी के अनुसार, पिछले करीब पांच वर्षों में जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी में कोई भी सीईओ लंबे समय तक पदस्थ नहीं रह पाया। लगातार तबादलों और नेतृत्व में अस्थिरता के कारण प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होती रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थिति के कारण विकास कार्यों की रफ्तार लगातार धीमी पड़ती जा रही है।

Related posts

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में फर्जीवाड़ा: 48 वर्षीय बीजेपी नेता का नाम शामिल

MPCG NEWS

मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग हुए मर्ज

MPCG NEWS

सरकार की आमद मरहबा के नारों से गुंजा धनबाद

MPCG NEWS

Leave a Comment