window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'G-VQJRB3319M'); WCL के मजदूरों की आवाज पहुंची प्रशासन तक, कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक टीम पहुंची पाथाखेड़ा - MPCG News

WCL के मजदूरों की आवाज पहुंची प्रशासन तक, कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक टीम पहुंची पाथाखेड़ा

श्रम अधिकारी, नायब तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों ने मजदूरों से की सीधी बातचीत, ठेकेदारों के साथ बैठक का भरोसा
जीत आम्रवंशी, 9691851267

बैतूल/सारनी। पाथाखेड़ा क्षेत्र की कोयला खदानों में ठेका मजदूरों के शोषण और बकाया वेतन को लेकर जारी अनिश्चितकालीन आंदोलन के बीच बुधवार को प्रशासनिक अमला आंदोलन स्थल पर पहुंचा। जिला कलेक्टर बैतूल के निर्देश पर दोपहर करीब 1 बजे श्रम विभाग के अधिकारी, नायब तहसीलदार, सारनी थाना प्रभारी और वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) प्रबंधन के प्रतिनिधि आंदोलन स्थल पर पहुंचे और मजदूरों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।

मजदूरों की समस्याओं पर गंभीरता से हुई चर्चा

अधिकारियों ने क्षेत्र की तीनों कोयला खदानों में कार्यरत ठेका मजदूरों से मुलाकात कर कथित आर्थिक शोषण, वेतन कटौती और अन्य अनियमितताओं की विस्तृत जानकारी ली। श्रम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रम कानूनों के अनुसार ठेकेदार और प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि मजदूरों और उनके परिवारों को समुचित चिकित्सा सुविधा, दुर्घटना की स्थिति में इलाज और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। अधिकारियों ने इन प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

मजदूरों ने रखीं प्रमुख मांगें

आंदोलन का प्रतिनिधित्व कर रहे समाजसेवी प्रदीप नागले और पत्रकार मनोज पवार ने अधिकारियों के सामने मजदूरों की प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि मजदूरों को उनका पूरा वेतन सीधे बैंक खातों में दिया जाए, भविष्य में निर्धारित श्रेणी के अनुसार समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए और मजदूरों को प्रताड़ित करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
साथ ही सीएमपीएफ की पासबुक बनाकर अब तक कटे अंशदान का पूरा हिसाब देने और मजदूरों के परिवारों को भी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। मजदूरों ने यह भी कहा कि मजदूरी वापस लेने के लिए किसी भी प्रकार की प्रताड़ना बंद की जाए।

महिला मजदूरों को धमकाने का आरोप

मजदूर नेताओं संतोष देशमुख, बाबूलाल भारती, सत्यवान मंडल और धर्मेन्द्र चौरे ने अधिकारियों को बताया कि क्षेत्र में कार्यरत महिला मजदूरों को डरा-धमकाकर वेतन का पैसा वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस वजह से मजदूरों में भारी आक्रोश है।

दो दिन में ठेकेदारों की बैठक

सारनी थाना प्रभारी जयपाल इवनाती ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि दो दिनों के भीतर सभी संबंधित ठेकेदारों के साथ बैठक कर मामले की विस्तृत चर्चा की जाएगी और मजदूरों को उनका बकाया वेतन दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारी भी रहे मौजूद

इस दौरान एचआरएम विनायक शंकर, एन. रेड्डी, सुरक्षा अधिकारी प्रधान, श्रम अधिकारी अक्षय बनिया, नायब तहसीलदार संतोष पथोरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासनिक टीम के आंदोलन स्थल पर पहुंचने से मजदूरों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से चल रहा वेतन विवाद और शोषण का मुद्दा जल्द सुलझ सकता है।

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