पानी में गिरने की झूठी कहानी निकली फर्जी, पीएम रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

बैतूल/चोपना। थाना चोपना क्षेत्र के ग्राम झोली-01 और झोली-02 के बीच स्थित R.E.S. तालाब में अवैध रूप से बिजली का करंट लगाकर मछली पकड़ना एक युवक की मौत का कारण बन गया। इस सनसनीखेज मामले में चोपना पुलिस ने त्वरित और सराहनीय कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार 7 मई 2026 को आरोपी शिवा शाह, विशाल मण्डल और बंटी उर्फ सूरज तालाब में बांस की लकड़ी पर बिजली के तार लपेटकर पानी में करंट प्रवाहित कर मछलियां पकड़ रहे थे। इसी दौरान 20 वर्षीय रूपेश मालाकार पिता परितोष मालाकार करंट की चपेट में आ गया। तेज बिजली प्रवाह से वह गंभीर रूप से झुलस गया और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
मौत छुपाने रची गई झूठी कहानी
घटना के बाद आरोपियों ने अपने अपराध को छुपाने के लिए मृतक के परिजनों और शाहपुर अस्पताल के डॉक्टरों को गुमराह करने की कोशिश की। आरोपियों ने दावा किया कि रूपेश की मौत पानी में ऊंचाई से गिरने के कारण लगी अंदरूनी चोट से हुई है। लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मर्ग जांच शुरू की।
जांच के दौरान चश्मदीद गवाहों के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण “इलेक्ट्रोक्यूशन” सामने आने के बाद आरोपियों का झूठ उजागर हो गया।
विशेष टीम बनाकर आरोपियों को दबोचा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना प्रभारी रवि शाक्य के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में उपनिरीक्षक ओमप्रकाश यादव, प्रधान आरक्षक बसंत मर्सकोले, आरक्षक कमलेश, प्रवेश और राहुल शामिल रहे। पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए 29 मई 2026 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में —
शिवा पिता संजीत शाह (33 वर्ष)
विशाल पिता महादेव मण्डल (22 वर्ष)
बंटी उर्फ सूरज पिता संजीत शाह (21 वर्ष)
सभी निवासी ग्राम झोली नं.-2 शामिल हैं।
थाना चोपना में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 66/2026 के तहत धारा 105, 238 एवं 3(5) बी.एन.एस. में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

