फर्जी मजदूरी भुगतान और कागजों में कार्य, लंबे समय से फरार दो इनामी आरोपी गिरफ्तार
बैतूल। जिले में वन सुरक्षा समितियों के नाम पर हुए 60 लाख रुपये से अधिक के कथित महाघोटाले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। लंबे समय से फरार चल रहे दो इनामी आरोपियों को बीजादेही पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। दोनों आरोपियों पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में आरोपी प्रेमलाल सरियाम और रम्मु कुमरे को 26 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस अब उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई कर रही है।
फर्जी मजदूरों और कागजी कार्यों से हुआ लाखों का गबन
जांच में सामने आया कि वन विभाग की परियोजनाओं के तहत पदस्थ डिप्टी रेंजर और अन्य संबंधित व्यक्तियों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से शासकीय राशि का दुरुपयोग किया। वर्ष 2022-23 के दौरान वन सुरक्षा समितियों के अध्यक्षों और सचिवों ने बिना कोई वास्तविक कार्य कराए फर्जी मजदूरों और कागजी कार्यों का रिकॉर्ड तैयार किया। इसके बाद सक्षम अनुमति के बिना समितियों के खातों से लाखों रुपये निकाल लिए गए।
इस मामले में 06 जनवरी 2025 को रामपुर भतोड़़ी परियोजना मंडल बैतूल के चूनाहजूरी परिक्षेत्र अधिकारी दिनेश झारिया की शिकायत और प्राथमिक जांच प्रतिवेदन के आधार पर बीजादेही थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
पांच समितियों में करोड़ों जैसी अनियमितता
जांच में चूनाहजूरी परिक्षेत्र अंतर्गत संचालित पांच वन सुरक्षा समितियों में भारी वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई। इसमें वन सुरक्षा समिति माटीगढ़ में लगभग 24 लाख रुपये, चिखली में 1.85 लाख रुपये, तेंदूखेड़ा में 2.50 लाख रुपये, आवरिया में 15.58 लाख रुपये और काजली समिति में लगभग 16.79 लाख रुपये के गबन का खुलासा हुआ।
मामले में बीजादेही पुलिस ने अपराध क्रमांक 03/25 के तहत धारा 420, 406, 409, 467, 468, 470, 471 और 34 भादवि के अंतर्गत कुल 7 आरोपियों पर मामला दर्ज किया था। इससे पहले गोविंद वासनिक, चन्द्रेश परते, ओमप्रकाश सरियाम और धनाराम यादव को गिरफ्तार किया जा चुका है।

