window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'G-VQJRB3319M'); मोरड़ोंगरी में जली मोटर नीचे गिरी, मरम्मत अब तक अधूरी, सरपंच बोली मुझे नहीं पता ? - MPCG News

मोरड़ोंगरी में जली मोटर नीचे गिरी, मरम्मत अब तक अधूरी, सरपंच बोली मुझे नहीं पता ?

बेख़बर सरपंच, प्यासा गांव: गर्मी में बूंद-बूंद को तरसता मोरड़ोंगरी

बैतूल/सारणी। मोरड़ोंगरी गांव में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट अब गंभीर रूप ले चुका है। हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीण पिछले डेढ़ महीने से पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गर्मी में पानी को तरसते ग्रामीण अब ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर खुलकर सवाल खड़े कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, गांव में भूमिपूजन के बाद लगाए गए ट्यूबवेल की मोटर जल गई थी। सुधार के लिए मैकेनिक बुलाया गया, लेकिन मरम्मत के दौरान मोटर नीचे गिर गई, जिससे समस्या और बढ़ गई। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी लापरवाही के बावजूद पंचायत स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

मोरड़ोंगरी में स्थित पंप हाउस के सामने नीचे गिरी मोटर की तस्वीर

सरपंच के जवाब ने बढ़ाया शक

जब इस गंभीर मुद्दे पर महिला सरपंच यशोदा मर्सकोले से सवाल किया गया, तो उनका जवाब और भी चौंकाने वाला रहा। उन्होंने कहा—“मुझे इसकी जानकारी नहीं थी, आपके द्वारा पता चला। मैंने अपने पति से पूछा तो उन्होंने बताया कि मोटर नीचे गिर गई है। लेकिन वह कब और कैसे सुधरेगी, मुझे नहीं मालूम।”
सरपंच का यह बयान ग्रामीणों को और ज्यादा संदेह में डाल रहा है। लोगों का कहना है कि जब गांव की इतनी बड़ी समस्या की जानकारी ही सरपंच को नहीं है, तो फिर जिम्मेदारी कौन निभा रहा है ?

चौक-चौराहों पर गूंज रहा विरोध

गांव के चौक-चौराहों पर सरपंच की कार्यशैली को लेकर जमकर चर्चा हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन अब बुनियादी सुविधा जैसे पानी के लिए भी लोगों को भटकना पड़ रहा है।
यह भी सामने आ रहा है कि चुनाव के दौरान सरपंच के पति बाकुड़ और पंचायत सचिव सुरेंद्र कुमार मर्सकोले ने गांव के विकास का भरोसा दिलाया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।

पानी के लिए भटक रहे लोग, जिम्मेदार मौन

गांव की महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पानी के लिए दूर-दूर तक भटकने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी में यह संकट और भी भयावह हो गया है, लेकिन जिम्मेदार अब भी आंखें मूंदे बैठे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है- क्या सरपंच यशोदा मर्सकोले इस गंभीर समस्या का समाधान करेंगी, या फिर मोरड़ोंगरी के ग्रामीण यूं ही प्यासे रहने को मजबूर रहेंगे ?

Related posts

मेले की अपार भीड़ में छेड़खानी करने वाले दो युवक गए जेल

MPCG NEWS

VIDEO: अस्पताल में बंद कमरे में नर्सिंग स्टाफ ने खेली होली, तड़पते रहे मरीज

MPCG NEWS

छिंदवाड़ा: मुआवजा नहीं जमीन के बदले जमीन मांगने कलेक्ट्रेट पहुँचे ग्रामीण

MPCG NEWS

Leave a Comment