window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'G-VQJRB3319M'); सारणी प्लांट हादसा: चिनार कंपनी की लापरवाही से चालू लाइन की चपेट में आकर वेल्डर 60% झुलसा - MPCG News

सारणी प्लांट हादसा: चिनार कंपनी की लापरवाही से चालू लाइन की चपेट में आकर वेल्डर 60% झुलसा

डिस्मेंटल कार्य में नहीं काटी गई बिजली सप्लाई, वेल्डर करंट की चपेट में आकर झुलसा

जिम्मेदारी हमारी नहीं” कहकर बच रहा विभाग, हादसे ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल
दो महीने में दूसरी बड़ी दुर्घटना, मजदूरों की जान पर भारी ठेकेदार की मनमानी

बैतूल/सारणी। मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) सारणी की पुरानी इकाइयों के डिस्मेंटल (ध्वस्तीकरण) कार्य में सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ठेका लेने वाली कोलकाता की चिनार कंपनी की घोर लापरवाही के चलते मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें एक वेल्डर कटिंग के दौरान लिफ्ट के केवल के चालू विद्युत लाइन की चपेट में आने से 60% तक बुरी तरह झुलस गया। हैरानी की बात यह है कि घटना से सबक लेने के बजाय कंपनी प्रबंधन और एमपीपीजीसीएल के अधिकारी मामले को दबाने और अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने में लगे हुए हैं।

चालू लाइन पर करवाया जा रहा था काम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एमपीपीजीसीएल की पुरानी इकाई 6, 7, 8 और 9 को डिस्मेंटल करने का कार्य लगभग 3 माह पूर्व कोलकाता की ‘चिनार कंपनी’ को सौंपा गया था। मंगलवार सुबह लगभग 9:30 बजे इकाई-6 में जब एक वेल्डर काम कर रहा था, तभी वह वहां से गुजर रही एक चालू लाइन की चपेट में आ गया। इस भयानक हादसे में वेल्डर लगभग 40% झुलस गया है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि काम शुरू करने से पहले लाइन के बंद (De-energize) होने की जांच ही नहीं की गई थी।

छुपाने की कोशिश: अस्पताल ले जाने में भी खेल

चिनार कंपनी की संवेदनहीनता और लापरवाही का आलम यह है कि इतने गंभीर रूप से झुलसे कर्मचारी को एमपीपीजीसीएल के सुसज्जित शासकीय अस्पताल ले जाने के बजाय, आनन-फानन में बैतूल के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। सूत्रों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि इस गंभीर दुर्घटना की भनक मीडिया और आम लोगों को न लग सके और कंपनी पर कोई आंच न आए। वही चिनार कंपनी के सुपरवाइजर पी एस ओझा का कहना है कि एक मजदूर का हाथ झुलसा था जिसका एमपी पीजीसीएल में उपचार करवाया गया अभी वह ठीक है। जबकि सूत्रों का कहना है कि घायल युवक घटना के बाद से पूरी तरह गायब है।

सेफ्टी के नाम पर सिर्फ ‘खानापूर्ति’ कर रहा चिनार कंपनी का सेफ्टी इंचार्ज

चिनार कंपनी ने जब से यह कार्य अपने हाथ में लिया है, तब से ही सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर बाहरी मजदूरों से खतरनाक काम करवाया जा रहा है। नतीजा यह है कि महज दो महीने के भीतर यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है। कंपनी का सेफ्टी इंचार्ज कार्यस्थल पर सिर्फ मूकदर्शक बना रहता है और सुरक्षा के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है। डिस्मेंटल जैसे संवेदनशील कार्य में यह सुनिश्चित करना सेफ्टी इंचार्ज की प्राथमिक जिम्मेदारी थी कि संबंधित लाइन में करंट तो प्रवाहित नहीं हो रहा है, लेकिन बाहरी और अनजान मजदूरों की जान को जानबूझकर दांव पर लगाया जा रहा है।

एमपीपीजीसीएल की सुरक्षा प्रणाली और अधिकारियों पर उठते गंभीर सवाल

इस पूरी घटना में सबसे बड़ा सवाल एमपीपीजीसीएल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठता है और सुरक्षा अधिकारी के बेतुके तर्क पर भी। एमपीपीजीसीएल के सुरक्षा अधिकारी राघव का कहना है कि प्लांट डिस्मेंटल का कार्य चिनार कंपनी को सौंप दिया गया है, इसलिए सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी उसी की है। यदि सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी चिनार कंपनी की है, तो फिर एमपीपीजीसीएल के सुरक्षा अधिकारी द्वारा कर्मचारियों के गेट पास सुरक्षा अधिकारी द्वारा क्यों प्रमाणित किए जा रहे हैं? सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि जब प्लांट डिस्मेंटल के लिए चिनार कंपनी को हैंडओवर किया गया, तो एमपीपीजीसीएल द्वारा यह सुनिश्चित क्यों नहीं किया गया कि सभी लाइनों का पावर कट कर दिया गया है?

मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं ?

यह घटना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि चिनार कंपनी और एमपीपीजीसीएल प्रबंधन दोनों ही बाहरी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह उदासीन हैं। एमपीपीजीसीएल प्रबंधन की इस लापरवाही और चिनार कंपनी की मनमानी से यह साफ जाहिर होता है कि प्लांट के अंदर चल रही इस जानलेवा लापरवाही पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।

घटना के संबंध में चर्चा करने के लिए एमपीपीजीसीएल के लेवर सेफ्टी ऑफिसर अमित बांसोड़ से उनके दूरभाष पर बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया गया किंतु उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

इनका कहना है:—

एमपीपीजीसीएल के 6 नंबर यूनिट में डिस्मेंटल के दौरान दुर्घटना घटी है। जिसमें युवक झुलस गया इसकी जवाबदारी संबंधित कंपनी की है उनके द्वारा ही कार्रवाई की जाएगी।

शरद राघव, सुरक्षा अधिकारी, एमपीपीजीसीएल सारणी
करेंट से झुलसा मजदूर की फाइल फोटो

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