660 मेगावाट प्लांट का मुद्दा उठाने के बाद नहीं दिखे सांसद, सोशल मीडिया पर शुरू हुई तलाश

बैतूल। सोशल मीडिया की दुनिया में कब कौन-सी पोस्ट राजनीतिक बहस का विषय बन जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। इन दिनों इंस्टाग्राम पर एक ऐसा डिजिटल पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने बैतूल और सारणी की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। इंस्टाग्राम अकाउंट adiwasi_congress_betul द्वारा साझा किए गए इस पोस्टर में क्षेत्र के माननीय सांसद डी.डी. उइके की गुमशुदा की तलाश दिखाई गई है। पोस्टर में व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा गया है— आदिवासियों के नाम पर वोट लिया, लेकिन अत्याचार होने पर गायब। हालांकि, इस पूरे पोस्टर का सबसे चर्चित हिस्सा वह घोषणा है, जिसमें सांसद जी को ढूंढकर लाने वाले को 150 रुपये नकद इनाम देने की बात कही गई है। यही वजह है कि यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर की जा रही है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
आखिरी बार टीवी पर दिखे थे सांसद
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि सांसद डी.डी. उइके आखिरी बार तब सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने संसद में सारणी क्षेत्र के युवाओं के रोजगार और प्रस्तावित 660 मेगावाट पावर प्लांट का मुद्दा उठाया था। उस दौरान उनके भाषण की खूब सराहना हुई और क्षेत्र के युवाओं में उम्मीद भी जगी। लेकिन सोशल मीडिया पर तंज कसने वालों का कहना है कि संसद का वह सत्र खत्म होने और कैमरे बंद होने के बाद सांसद जी भी जैसे सार्वजनिक मंचों से ओझल हो गए। अब बेरोजगार युवा मजाकिया अंदाज में पूछ रहे हैं कि “660 मेगावाट का प्लांट तो आ रहा है, लेकिन हमारे सांसद जी आखिर किस ग्रिड में चले गए ?
कमेंट बॉक्स बना व्यंग्य का मंच
वायरल पोस्ट के नीचे लोगों ने अपने-अपने अंदाज में प्रतिक्रियाएं दी हैं। कई यूजर्स ने चुनावी राजनीति पर तंज कसते हुए लिखा कि नेता चुनाव के बाद नजर नहीं आते। एक यूजर ने लिखा कि चुनाव के बाद सांसद दिखाई ही नहीं दिए, तो दूसरे ने टिप्पणी की कि अब शायद अगली बार वोट मांगने के दौरान ही दर्शन होंगे। वहीं एक अन्य यूजर ने मजाकिया लहजे में दावा किया कि सांसद जी कहीं डांस करते हुए दिखाई दिए थे।

ठगा हुआ आदिवासी समाज के नाम से पोस्ट
पोस्टर के नीचे निवेदक के रूप में जागरूक नागरिक एवं ठगा हुआ आदिवासी समाज लिखा गया है, जिससे यह पोस्ट और भी चर्चा में आ गई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि सोशल मीडिया पर चल रहे इस 150 रुपये वाले तलाश अभियान के बीच सांसद जी जनता के बीच सक्रिय नजर आते हैं या फिर यह पोस्ट केवल इंटरनेट की दुनिया में ही राजनीतिक व्यंग्य का हिस्सा बनकर रह जाती है।
(नोट: यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पोस्ट और उस पर लोगों की प्रतिक्रियाओं पर आधारित है। संबंधित पोस्ट की स्वतंत्र पुष्टि दैनिक प्राईम संदेश नहीं करता)
