रीवा में बजरंग बली के अपमान का आरोप, आरोपी को भाजपा नेताओं का समर्थन? आस्था बनाम राजनीति पर सवाल
रीवा में धार्मिक आहता करने वाले व्यक्ति को क्या भाजपा दे रही समर्थन ?
विधायक नरेंद्र प्रजापति के साथ फोटो खिंचवा रहा व्यक्ति बजरंगबली को बोल रहा अपशब्द
मंडल उपाध्यक्ष लालगांव राजेंद्र द्विवेदी विधायक प्रतिनिधि मनगवा इंदमोल पांडे का घूम रहे
मनीष कुमार राठौर / 8109571743
रीवा/ भोपाल । जिले के बैकुंठपुर क्षेत्र के सरोज चतुर्वेदी पर भगवान हनुमान (बजरंग बली) का सार्वजनिक अपमान करने का गंभीर आरोप लगा है। एक वायरल वीडियो में उसे अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते सुना और देखा जा सकता है। इसके बाद स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं की शिकायत पर बैकुंठपुर थाने में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
हालांकि, मामले ने तब एक नया और विवादास्पद मोड़ ले लिया है जब आरोपी व्यक्ति को स्थानीय भाजपा नेताओं का समर्थन मिलता नजर आ रहा है।
आरोपी से जुड़े रिश्तों पर सवाल
आरोपी सरोज चतुर्वेदी के साथ भाजपा के कई पदाधिकारियों की नजदीकी सामने आई है। उसे विधायक नरेंद्र प्रजापति के साथ फोटो खींचते और उनके साथ मौजूद देखा गया है। इसके अलावा, भाजपा मंडल लालगांव के उपाध्यक्ष राजेंद्र द्विवेदी और मनगवा विधायक के प्रतिनिधि इंद्रमौली पांडेय के साथ भी उसे घूमते हुए देखे जाने की जानकारी सामने आई है।
गौरतलब है कि इंद्रमौली पांडेय, पूर्व बजरंग दल राष्ट्रीय संयोजक के भाई और वर्तमान में मनगवा विधायक के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। इन संबंधों के चलते यह सवाल उठने लगा है कि क्या भाजपा एक ऐसे व्यक्ति को संरक्षण दे रही है जो करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र का अपमान करने का आरोपी है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं की कड़ी प्रतिक्रिया
धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ के इस मामले पर सामाजिक और धार्मिक संगठनों में गुस्सा है। कार्यकर्ता आरोपी के खिलाफ तत्काल कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी स्थानीय भाजपा प्रतिनिधि आरोपी को समर्थन देकर “धर्म और राजनीति” के बीच एक गलत संदेश दे रहे हैं।
उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इस “घटिया और घिनौनी मानसिकता” के व्यक्ति के खिलाफ कानून का पूर्ण रूप से पालन करते हुए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।
बड़ा सवाल: क्या करेगी भाजपा?
इस पूरे घटनाक्रम में अब सबकी निगाहें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर टिकी हैं, जो हिंदू आस्था और संस्कृति के रक्षक होने का दावा करती है। सवाल यह उठाया जा रहा है कि क्या पार्टी अपने उन पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी, जो आरोपी के साथ नजदीकी बनाए हुए हैं? क्या धार्मिक भावनाओं के आहत करने के इस गंभीर मामले में पार्टी अपने सिद्धांतों पर कायम रहेगी?
प्रशासन द्वारा कानूनी कार्रवाई जारी है, लेकिन आरोपी को मिल रहे राजनीतिक संरक्षण ने इस मामले को एक नया आयाम दे दिया है। आने वाले दिनों में पार्टी और प्रशासन की हर कार्रवाई सार्वजनिक जांच के केंद्र में रहेगी।
