window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'G-VQJRB3319M'); स्थानीय बेरोजगार देखते रह गए, प्लांट में बाहरी मजदूरों की हो गई एंट्री - MPCG News

स्थानीय बेरोजगार देखते रह गए, प्लांट में बाहरी मजदूरों की हो गई एंट्री

विधायक का ’70/30′ का वादा निकला खोखला, युवाओं ने कहा- हमें सिर्फ आश्वासन मिला विधायक से

जीत आम्रवंशी, 9691851267

बैतूल/सारणी। 660 मेगावाट सुपर क्रिटिकल पावर प्लांट को लेकर सारणी क्षेत्र के युवाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। बरसों से बेरोजगारी की मार झेल रहे सारणी नगर के स्थानीय युवाओं के साथ एक बार फिर बड़ा छल होता नजर आ रहा है। नए पावर प्लांट के निर्माण से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार की जो आस बंधी थी, वह अब पूरी तरह से टूट चुकी है। स्थानीय विधायक द्वारा युवाओं से किए गए बड़े-बड़े वादे और दावे आज उस समय पूरी तरह फर्जी साबित हो गए, जब चिनार कंपनी ने स्थानीय नियमों को ठेंगा दिखाते हुए बाहरी मजदूरों की फौज को प्लांट के अंदर दाखिल करा दिया।

विधायक के ‘फर्जी’ वादे की खुली पोल, युवाओं का टूटा मनोबल

क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं ने अपनी इस समस्या को लेकर पूर्व में स्थानीय विधायक से गुहार लगाई थी। उस समय युवाओं को सांत्वना देते हुए विधायक ने स्वयं यह बड़ी घोषणा की थी कि “इस प्रोजेक्ट में 70/30 का अनुपात (70% स्थानीय और 30% बाहरी) अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। अगर स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिला, तो बाहर के किसी भी मजदूर को काम नहीं करने दिया जाएगा और जरूरत पड़ी तो काम पूरी तरह बंद करा दिया जाएगा।”

विधायक की इसी बात और आश्वासन पर भरोसा करके क्षेत्र के आक्रोशित युवाओं ने पिछले 7 दिनों से अपने आंदोलन को रोक रखा था। युवाओं को उम्मीद थी कि उनका जनप्रतिनिधि उनके हक की लड़ाई लड़ेगा, लेकिन आज सुबह जो हुआ उसने विधायक के इन दावों की हकीकत बयां कर दी।

चिनार कंपनी की मनमानी: आंखों के सामने हुआ रोजगार का सौदा

आज सुबह सारणी के बेरोजगार युवाओं का भरोसा और मनोबल उस वक्त तार-तार हो गया, जब चिनार कंपनी द्वारा लगभग 70 बाहरी मजदूरों को पावर प्लांट परिसर में प्रवेश करवाया गया।

इस पूरी घटना को क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं ने अपनी आंखों से देखा।

भारी संख्या में बाहरी मजदूरों के आने और स्थानीय युवाओं की उपेक्षा होने पर भी प्रशासन या विधायक की ओर से कोई ठोस कार्रवाई या विरोध देखने को नहीं मिला। विधायक के दावों को सच मानकर शांत बैठे युवा आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

युवाओं का फूटा गुस्सा: अब आर-पार की लड़ाई के मूड में बेरोजगार

इस घटना के बाद से सारणी नगर के युवाओं में गहरा असंतोष है। युवाओं का कहना है कि नेताओं के वादे सिर्फ वोट बटोरने और सुर्खियां बटोरने के लिए होते हैं, जमीनी हकीकत में वे हमेशा निजी कंपनियों के सामने नतमस्तक हो जाते हैं।

विधायक ने अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए युवाओं को 7 दिन तक झांसे में रखा। जब सारणी में ही योग्य और जरूरतमंद युवा मौजूद हैं, तो चिनार कंपनी को बाहरी राज्यों/क्षेत्रों से मजदूर लाने की छूट क्यों दी गई? धोखा खाए युवाओं का कहना है कि अब वे किसी भी झूठे आश्वासन में नहीं आएंगे और अपने हक के लिए जल्द ही उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे।

इस पूरी घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि सारणी के युवाओं के लिए रोजगार का मुद्दा सिर्फ एक चुनावी हथकंडा बनकर रह गया है और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस मामले में पूरी तरह से विफल और फर्जी साबित हुए हैं।

इनका कहना है :–
कंपनी का काम चालू हो चुका है आज लगभग 40 मजदूरों को वेरिफिकेशन कराकर अंदर लिया गया है। दिन प्रतिदिन जैसे-जैसे मजदूरों का वेरिफिकेशन होता जाएगा वैसे-वैसे मजदूरों की एंट्री होती जएगी।

अली आजाद, साइड इचार्ज, चिनार एस.एस.एस.प्राइवेट लिमटेड

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