छतें उड़ीं, दर्जनों पेड़ गिरे; वार्ड 12 और 3 में सबसे ज्यादा नुकसान, बाल-बाल बचे लोग
सारणी। शहर में शनिवार को मौसम ने अचानक खतरनाक रूप ले लिया। दिनभर 40.4 डिग्री सेल्सियस की झुलसाने वाली गर्मी से परेशान लोग शाम करीब 4 बजे आई तेज आंधी और तूफान से दहशत में आ गए। करीब दो घंटे तक चले इस तूफान ने पूरे शहर में तबाही मचा दी और जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।

हवा में उड़े टेंट, मकानों की छतें भी नहीं टिक पाईं
तेज हवाओं का वेग इतना अधिक था कि शहर के कई हिस्सों में लगे टेंट तिनकों की तरह उड़ गए। कच्चे और पक्के मकानों की टीन शेड हवा में उखड़कर दूर जा गिरीं। इसके अलावा, कई बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर पड़े, जिससे रास्ते बाधित हो गए और आवागमन प्रभावित हुआ।

मकानों पर गिरा विशाल पेड़, महिला और बच्ची की चमत्कारिक बचत
तूफान का सबसे ज्यादा असर वार्ड क्रमांक 12 और 3 में देखने को मिला। वार्ड 12 में दो मकानों की छतें पूरी तरह उड़ गईं। वहीं वार्ड 3 में प्रभात सिनोटिया और अरविंद सिंह के मकानों पर एक विशाल नीलगिरी का पेड़ गिर पड़ा। उस समय घर के अंदर एक महिला और बच्ची मौजूद थीं, लेकिन सौभाग्य से दोनों सुरक्षित बच गईं।

