खबर प्रकाशित होते ही मचा हड़कंप, 7 केंद्रों पर कर्मचारी नदारद मिले; भुगतान से काटे जाएंगे 6575 रुपए
बैतूल/सारनी। जनता की प्यास से खिलवाड़ और ठेकेदार की लापरवाही को लेकर हमारे दैनिक प्राईम संदेश समाचार पत्र /पोर्टल ( MPCG NEWS ) द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित की गई खबर “लाखों के ‘पियाऊ’ पड़े सूखे, ठेकेदार खा रहे एसी की हवा और चाय वाले बुझा रहे जनता की प्यास। का बड़ा असर हुआ है। खबर छपते ही कुंभकर्णी नींद में सोए नगर पालिका प्रशासन में हड़कंप मच गया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) के निर्देश पर हरकत में आई नगर पालिका की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शहर के विभिन्न प्याऊ केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान हमारी खबर में उठाए गए मुद्दे अक्षरसः सच साबित हुए। प्याऊ केंद्रों पर बदइंतजामी और ठेकेदार की भारी लापरवाही की पुष्टि होने के बाद, नगर पालिका ने ठेकेदार मेसर्स वेदांत इंटरप्राइजेस सारनी को ₹6,575 का कटौत्रा (पेनाल्टी) नोटिस थमा दिया है।
निरीक्षण में खुली पोल: 39 मटके खाली और 7 केंद्रों से मानवसेवी गायब
मुख्य नगर पालिका अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, नगर पालिका की टीम ने 7 और 8 जून को शहर के अलग-अलग वार्डों में संचालित प्याऊ का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान जो हकीकत सामने आई, वह चौंकाने वाली थी। वार्ड क्र. 01 शनि मंदिर, बजरंग मंदिर पाथाखेड़ा, पाथाखेड़ा चौकी, ए.बी. टाइप का कोना (वार्ड क्र. 23), पोस्ट ऑफिस सारनी, वार्ड क्र. 01 आवास परिसर, कन्या स्कूल (वार्ड क्र. 04), यूनियन बैंक सारनी, शोभापुर बस स्टॉप, ऑफिसर्स क्लब शोभापुर और एस.बी.आई. चौक शोभापुर स्थित प्याऊ पर कुल 30 मटके गायब या कम पाए गए।
भीषण दोपहर में जब आम जनता को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब दोपहर 02:00 बजे वार्ड क्र. 19 पाथाखेड़ा मस्जिद चौक, यूनियन बैंक, ऑफिसर्स क्लब, एस.बी.आई. चौक, शिव मंदिर और प्रधानमंत्री आवास योजना सारनी के प्याऊ केंद्रों से मानसेवी नदारद (अनुपस्थित) मिले। पाथाखेड़ा चौपाटी, पाथाखेड़ा मस्जिद चौक और एबी टाइप के कोने में बने प्याऊ के मटकों में पानी ही नहीं था, वे पूरी तरह सूखे पड़े थे।
ठेकेदार के भुगतान से कटेगी राशि
निरीक्षण के दौरान कुल 39 नग मटके खाली/कम पाए जाने और 7 प्याऊ केंद्रों पर मानसेवी अनुपस्थित मिलने को नगर पालिका ने गंभीरता से लिया है। प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि लापरवाही के एवज में कुल ₹ 6575/- की कटौती मेसर्स वेदांत इंटरप्राइजेस सारनी के आगामी देयक (बिल) से की जाएगी।
जनता की आवाज का असर
हमारी इस मुहिम का मकसद भीषण गर्मी में तड़पते राहगीरों को उनका हक दिलाना था। नगर पालिका की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जनता के पैसों पर ठेकेदार की मनमानी अब नहीं चलेगी। उम्मीद है कि इस जुर्माने के बाद ठेकेदार एसी की हवा छोड़कर धरातल पर सुचारू रूप से ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।

