window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'G-VQJRB3319M'); MP बोर्ड परीक्षा परिणाम में बड़ी लापरवाही: 5वीं-8वीं परीक्षा परिणाम में प्रोजेक्ट और अर्धवार्षिक के नहीं जोड़े अंक - MPCG News

MP बोर्ड परीक्षा परिणाम में बड़ी लापरवाही: 5वीं-8वीं परीक्षा परिणाम में प्रोजेक्ट और अर्धवार्षिक के नहीं जोड़े अंक

एक से दो विषय में फेल छात्रों की कॉपी का फिर से होगा मूल्यांकन

भोपाल। मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षा 5वीं और 8वीं परीक्षा परिणाम में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। पांचवी-आठवीं बोर्ड एग्जाम के रिजल्ट को दूसरी बार होल्ड पर रखा गया है। एक या दो विषय में फेल छात्रों की कॉपी दोबारा से जांच होगी। बोर्ड अर्धवार्षिक परीक्षा के 20 अंक भी जोड़ना भूल गया। फेल हुए छात्रों की कॉपी का दोबारा से मूल्यांकन किया जाएगा। 5 जून को संशोधित परीक्षा परिमाण घोषित किया जाएगा।

हाल ही घोषित कक्षा 5वीं और 8वीं बोर्ड पैटर्न परीक्षा परिणामों में कुछ बच्चों का रिजल्ट इस कारण से फेल कैटेगरी में आया है कि उनके स्कूल के द्वारा अर्धवार्षिक या प्रोजेक्ट के अंको की एंट्री नहीं की गई। इस स्थिति के तहत बच्चों के भविष्य को दृष्टिगत रख राज्य शिक्षा केंद्र के द्वारा इन अंकों की प्रविष्टि 27 मई तक पूर्ण करने के निर्देश स्कूलों को दिए हैं।

इस संबंध में संचालक राज्य शिक्षा केंद्र धनराजू एस ने बताया कि अनेक शालाओं द्वारा छात्रों के अर्द्धवार्षिक परीक्षा और प्रोजेक्ट कार्य के अंकों की प्रविष्टि पोर्टल पर नहीं की गई है, जिस कारण से अनेक छात्र अनुत्तीर्ण हुए हैं। इसलिए विद्यार्थी हितों को दृष्टिगत रखते हुए ऐसी शालाओं के लिए दिनांक 23 मई 2023 से 27 मई 2023 की अवधि में अर्द्धवार्षिक और प्रोजेक्ट के अंकों की प्रविष्टि शाला स्तर से किए जाने की सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। जिन शालाओं द्वारा अर्द्धवार्षिक और प्रोजेक्ट के अंको की प्रविष्टि पोर्टल पर पूर्व में की जा चुकी है उसमें संशोधन करने की सुविधा प्रदाय नहीं की जा रही है।

संचालक राज्य शिक्षा केंद्र ने बताया कि परीक्षा परिणामों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर पाया गया है कि कुछ छात्र एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण हुए हैं जबकि शेष विषयों में उत्तीर्ण हैं। ऐसे प्रकरणों में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मूल्यांकन या पोर्टल पर अंकों की प्रविष्टि में कोई विसंगति हुई हो। ऐसी संभावित गलतियों के कारण छात्रों का अहित न हो, इस उद्देश्य से राज्य शिक्षा केंद्र ने यह निर्णय लिया है कि ऐसे सभी छात्र जो केवल एक या दो विषय में अनुत्तीर्ण हुए हैं उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का अनिवार्य पुनर्मूल्यांकन/अंकों की पुनर्गणना/पुनर्प्रविष्टि की जाये।

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