ना कोई इंतजाम, ना कोई जिम्मेदारी, लापरवाही ने शादी को बना दिया हादसा
बैतूल/घोड़ाडोंगरी। सामूहिक विवाह/निकाह समारोह में जहां खुशियों की गूंज होनी थी, वहां अचानक चीख-पुकार मच गई। बैंड-बाजे की गाड़ी ने ऐसा कहर बरपाया कि दूल्हों की खुशियां पल भर में दर्द में बदल गईं।
बताया जा रहा है कि बैंड की गाड़ी भीड़ के बीच से बेखौफ निकाली जा रही थी। न कोई रोकने वाला, न कोई संभालने वाला — जैसे सब कुछ अपने हाल पर छोड़ दिया गया हो। और इसी लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर दूल्हों के ऊपर चढ़ गई।

मुलताई क्षेत्र के बोहन खापा निवासी 25 वर्षीय दूल्हा अनुल सरोदे के पेट के ऊपर से गाड़ी का पहिया गुजर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं उसके कजिन भाई राहुल सरोदे के पैर में हड्डी टूट गई। एक अन्य दूल्हा भी इस हादसे में घायल हुआ है।
भीड़ में घुसी गाड़ी, सब देखते रह गए- इंतजाम पूरी तरह नदारद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाड़ी को ऐसे भीड़ में चलाया जा रहा था जैसे कोई खतरा ही न हो। अगर समय रहते सावधानी बरती जाती, तो यह हादसा टल सकता था। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ के बीच वाहन को आने देना ही बड़ी चूक थी।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल दूल्हों को तुरंत घोड़ाडोंगरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल भेज दिया गया।
स्थानीय लोगों ने आयोजन की व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसे सीधी लापरवाही बताया है। उनका कहना है कि न भीड़ संभालने की व्यवस्था थी और न ही सुरक्षा का कोई ध्यान रखा गया।
जिम्मेदार गायब, सवाल खड़े – आखिर किसकी लापरवाही से हुआ हादसा ?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब इतना बड़ा कार्यक्रम था, तो जिम्मेदार लोग कहां थे ? किसने गाड़ी को भीड़ में आने दिया? और हादसे के बाद भी जवाबदेही तय क्यों नहीं हो रही ?
घोड़ाडोंगरी की इस शादी ने एक कड़वा सच दिखा दिया- यहां खुशियों से ज्यादा भरोसा किस्मत पर किया गया था। अगर ऐसे ही हाल रहे, तो अगली बार शादी के न्यौते में शायद यह भी लिखना पड़े — सावधान: यहां कभी भी खुशियां हादसे में बदल सकती हैं।

