परसु, शिवराम समेत 6 लोगों की ही थाने में शिकायत
प्रति ट्रॉली 100 रुपये की मांग, बिना रसीद वसूली, थाना प्रभारी से कार्रवाई की मांग
बैतूल/घोड़ाडोंगरी। लोनिया रेत खदान से रेत परिवहन करने वाले ट्रैक्टर संचालकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से शिकायत की है कि लोनिया गांव के मार्ग पर कुछ ग्रामीणों द्वारा आए दिन ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर अवैध वसूली की जा रही है।
ट्रैक्टर संचालकों का कहना है कि रेत परिवहन के लिए सभी वाहन लोनिया गांव के मार्ग का उपयोग करते हैं। इसी दौरान कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली को बीच रास्ते में रोककर ड्राइवर और मजदूरों से गाली-गलौज करते हैं तथा झूमाझपटी तक की स्थिति बना देते हैं। आरोप है कि ट्रैक्टरों में कार्यरत अधिकांश मजदूर आदिवासी समाज से हैं, जिनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अभद्र व्यवहार किया जाता है और उन्हें डराया-धमकाया जाता है।
पंचायत के नाम पर अवैध वसूली का आरोप
संचालकों के अनुसार, बिना किसी लिखित आदेश या अधिकृत निर्देश के प्रति ट्रॉली 100 रुपये की मांग की जा रही है। आरोप है कि लोनिया पंचायत के कुछ दबंग – परसु यादव, शिवराम यादव, गोविंद यादव, विश्राम, राकेश ढीमर और विनोद ढीमर – कभी सड़क सुधार तो कभी पानी सिंचाई के नाम पर पैसे वसूल रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जब उनसे वसूली का आधार पूछा जाता है तो वे पंचायत का हवाला देकर राशि अपने पास रख लेते हैं। न तो कोई रसीद दी जाती है और न ही कोई पर्ची। संचालकों का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से अवैध वसूली है।
सड़क सुधार के लिए खुद कर रहे हैं इंतजाम
ट्रैक्टर संचालकों का दावा है कि ग्रामीण सड़कों को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए वे स्वयं सड़कों पर बजरी डालने और पानी का छिड़काव कर धूल नियंत्रण जैसे कार्य करते रहे हैं, ताकि प्रदूषण न फैले और मार्ग सुरक्षित बना रहे। इसके बावजूद उनसे जबरन वसूली की जा रही है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित संचालकों ने थाना प्रभारी से निवेदन किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर पंचायत के नाम पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लग सके और मजदूरों व वाहन चालकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

