window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'G-VQJRB3319M'); सलैया में 5 माह का नवजात भ्रूण मिलने की घटना से झोलाछाप डॉक्टर और अवैध रिश्तों की मजबूरी ने खोला समाज का काला सच - MPCG News

सलैया में 5 माह का नवजात भ्रूण मिलने की घटना से झोलाछाप डॉक्टर और अवैध रिश्तों की मजबूरी ने खोला समाज का काला सच

नवजात मिलने के बाद पुलिस की रडार पर सारनी-बगडोना के संदिग्ध क्लीनिक और झोलाछाप डॉक्टर

बैतूल/सरनी। ग्राम पंचायत सलैया का शांत माहौल शुक्रवार को उस समय दहल गया, जब एक नाले के किनारे 5 माह के नवजात (भ्रूण) का निर्जीव शरीर मिला। गंदगी के बीच पड़ा यह मासूम न सिर्फ एक शव था, बल्कि समाज की उस सोच का काला आईना भी था, जहाँ ‘लोक-लाज’ का डर एक अजन्मी जिंदगी से बड़ा साबित हो गया।

नवजात का शव दिखते ही ग्रामीणों में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी जयपाल इवनाती पुलिस दल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया और मामले की गंभीर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के सामने अब दो चुनौतियाँ हैं—

  1. उस शख्स की पहचान, जिसने यह निर्मम कृत्य किया।
  2. उस स्थान का पता लगाना, जहाँ अवैध तरीके से गर्भपात कराया गया।

अवैध संबंध और झोलाछाप डॉक्टर—मौत का गठजोड़

यह घटना समाज के एक और भयावह सच को उजागर करती है। अवैध संबंधों, प्रेम प्रसंगों या सामाजिक रूप से अस्वीकार्य रिश्तों के कारण कई युवा जोड़े सरकारी अस्पतालों में जाने से कतराते हैं। पहचान उजागर होने और ‘नाक कटने’ के डर में वे झोलाछाप डॉक्टरों की शरण लेते हैं।

ये तथाकथित डॉक्टर—

  • बिना डिग्री,
  • बिना लाइसेंस,

बिना किसी नैतिकता के अवैध गर्भपात जैसे घिनौने काम में शामिल रहते हैं। मजबूरी में फँसे लोगों की कमजोरियों को ये खुलेआम कैश करते हैं। परिणाम—एक मासूम की हत्या और कई ज़िंदगियों का विनाश।

स्वास्थ्य विभाग की नींद और अवैध क्लीनिकों का जाल

सूत्रों के अनुसार सलैया, सारनी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध क्लीनिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई झोलाछाप डॉक्टर बिना पंजीयन के सर्जरी और गर्भपात जैसे खतरनाक ऑपरेशन कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी ने इन काली दुकानों को पनपने का मौका दिया है। न निरीक्षण, न कार्रवाई—
और यही लापरवाही ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे रही है।

समाज से सवाल—कब जागोगे ?

क्या हमारी सामाजिक मानसिकता इतनी कठोर हो चुकी है कि झूठी शान के लिए एक मासूम को नाले में फेंक दिया जाए? क्या लोक-लाज का पर्दा एक अजन्मी जान से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है?

आज आवश्यक है—

  1. आरोपी माँ-बाप की पहचान,
  2. अवैध गर्भपात में शामिल झोलाछाप डॉक्टरों पर कठोर कार्रवाई,
  3. अवैध क्लीनिकों पर तत्काल छापेमारी,
  4. और समाज में जागरूकता
  5. यह हत्या सिर्फ एक बच्चे की नहीं, मानवीय संवेदनाओं की भी है।
इनका कहना है—

अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भ्रूण हत्या का मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह अवैध गर्भपात का मामला प्रतीत होता है। सारनी से बगडोना तक सभी संदिग्ध अस्पतालों और क्लीनिकों की गहन जांच की जाएगी। संभावना है कि सामाजिक बदनामी के डर से गर्भपात कराया गया और सबूत मिटाने के लिए भ्रूण को नाले में फेंक दिया गया।

जयपाल इवनाती, थाना प्रभारी सारनी

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