गैस संकट के बीच मौत का कारोबार, ढाबों-होटलों तक पहुंच रहे नैनो कट इंडस्ट्रियल सिलेंडर

बैतूल/सारनी। क्षेत्र में एक तरफ आम लोग गैस सिलेंडर के लिए दर-दर भटक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राहुल गैस एजेंसी पर बड़ा और खतरनाक खेल खेलने के आरोप लगे हैं। जानकारी के मुताबिक एजेंसी कमर्शियल LPG की जगह इंडस्ट्रियल ‘नैनो कट’ सिलेंडर ढाबों, होटलों और नाश्ते की दुकानों तक पहुंचा रही है। ये सिलेंडर खाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि भारी औद्योगिक कार्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं—फिर भी इन्हें खुलेआम बाजार में उतारा जा रहा है।
हर चूल्हा बन सकता है बम, भीड़भाड़ वाले इलाकों में बड़ा खतरा
नैनो कट सिलेंडर में गैस का दबाव सामान्य LPG से कई गुना ज्यादा होता है। ऐसे में जब इन्हें ढाबों के साधारण चूल्हों में इस्तेमाल किया जाता है, तो कभी भी गैस लीक, आगजनी या भीषण धमाका हो सकता है। खासकर जहां रोजाना सैकड़ों लोग खाना खाते हैं, वहां यह लापरवाही सीधे-सीधे लोगों की जान से खिलवाड़ है। शहर का हर ऐसा ढाबा अब संभावित हादसे का केंद्र बन चुका है।

गलती या मिलीभगत एजेंसी का जवाब संदिग्ध, प्रशासन पर भी सवाल
मामले पर एजेंसी संचालक ने इसे सप्लायर की गलती बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया, लेकिन सवाल यह है कि अगर गलती थी तो खतरनाक सिलेंडर वापस क्यों नहीं मंगाए गए ? वहीं प्रशासन ने शिकायत पर जांच की बात कही है, लेकिन इतने बड़े खेल के बावजूद अब तक कार्रवाई न होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है—क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर मिलीभगत ?
इनका कहना है - फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर हॉस्पिटल और रेल्वे कैंटीन एवं अन्य संस्थानों के लिए देने का आदेश है आपकी शिकायत पर मैं आपका नंबर इंस्पेक्टर को दे रहा हु, उनको आप सभी दुकानों के नाम बता दीजिए फिर में कार्यवाही करूंगा टेकाम, सहायक आपूर्ति अधिकारी (ASO) बैतूल

