window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'G-VQJRB3319M'); ट्रांसफार्मर बदलने पर भी जला ट्रांसफार्मर मिला - MPCG News

ट्रांसफार्मर बदलने पर भी जला ट्रांसफार्मर मिला

ट्रांसफार्मर बदलने पर भी जला ट्रांसफार्मर मिला
*दैनिक प्राईम संदेश जिला ब्यूरो चीफ राजू बैरागी जिला *रायसेन*

(9893672913)
सांचेत कस्बा सांचेत में महाजन लाइन के लोग 15 दिन से अंधेरे में अपना जीवन यापन कर रहे हैं ट्रांसफार्मर जलने पर चंदा करके ट्रांसफार्मर लाते हैं 8 दिसंबर को सांचेत से ट्रांसफार्मर रायसेन लेने पहुंचे तो विद्युत वितरण कंपनी ने जला हुआ ट्रांसफार्मर थमा दिया जिसको रख कर लाइट चालू करने पर घरों के बल्ब पंखे टीबी और अन्य विद्युत उपकरण जल गए जिससे लोगों को काफी नुकसान हुआ है अवधनारायण शर्मा ने बताया जली हुई डी पी में एक फेस लाइट इतनी तेज़ आ रही है जिससे हमारे घर टीबी पंखे बल्ब सहित सारे घर की केविल तक जल गई है विद्युत कर्मचारियों को घर पर बुलाने से भी घर तक नही आए।
एक नज़र
गांवों में नियमित बिजली पहुंचाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन बिजली वितरण कंपनी के जिम्मेदार उसे अमली जामा पहनाने में पिछड़ रहे हैं। गांवों में ट्रांसफार्मर जलने पर बिजली बंद हो जाए तो कंपनी के कर्मचारी ठीक करने नहीं पहुंचते। मजबूरी में ग्रामीणों को ही चंदा करके ट्रांसफार्मर उतारकर बिजली कंपनी के ऑफिस में पहुंचाना पड़ता है। उसको ठीक करवाने के बाद वापस लेजाकर लगाने की जिम्मेदारों की ही होती है। ऐसे में गांवों की बिजली व्यवस्था को ग्रामीण ही अपने स्तर पर संभाल रहे हैं।

प्रतिवर्ष सिंचाई के समय में लोड बढ़ते ही ट्रांसफार्मर जलने के मामले बढ़ जाते हैं। इससे ग्रामीणों को अंधेरे में रात गुजारना पड़ती है। सूचना देने के बाद भी लाइनमैन इन्हें सुधारने नहीं पहुंचते। जले हुए ट्रांसफार्मर ठीक करवाने के लिए ग्रामीण चंदा करना पड़ता है। इसके बाद ट्रांसफार्मर उतारकर बिजली कार्यालय में जमा करवाना तथा ठीक होने पर वापस ले जाकर लगाने की जिम्मेदारी भी ग्रामीणों की ही रहती है। इसमें एक बार में 2 से 3 हजार रुपए खर्च ग्रामीणों को उठाना पड़ता है। नियमानुसार जले हुए ट्रांसफार्मर को 3 दिन में सुधारना चाहिए। लेकिन 10 से 15 दिन तक अधिकारी ध्यान ही नहीं देते और ग्रामीणों को बिना बिजली के रहना पड़ता है।

100 रुपए एक घर से लेते हैं
कस्बा सांचेत के अवधनारायण शर्मा ने बताया पिछले सप्ताह ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आने से गांव की बिजली गुल हो गई। बिजली कंपनी के अधिकारियों को शिकायत की। अधिकारियों ने ट्रांसफार्मर लेकर आने को कहा। गांव के प्रत्येक उपभोक्ता से 100 रुपए चंदा एकत्रित कर किराये के मैजिक में पुराना ट्रांसफार्मर लेकर गए। उसकी जगह दूसरा ट्रांसफार्मर लाकर लगाया बह भी जला हुआ निकला बिजली चालू करते ही देवकिशन साहू का तोल कांटा बल्ब और लाइट उपकरण जल गया
अब लोगों को इंतजार है कब लगेगा नया ट्रांसफॉर्मर लोग नियमित बिल का भुगतान करते है भुगतान करने के बाद भी लोगो को अंधेरे में अपना जीवन यापन करना पड़ रहा है।

Related posts

सांचेत में आयोजित की गई जिला स्तरीय गौ विज्ञान परीक्ष

MPCG NEWS

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही नल जल योजना एवं उनसे संबंधित टंकियां।

MPCG NEWS

निकाय के बाद अब कोरिया जि.पं. चुनाव में भी लहराया भाजपा के जीत का परचम

MPCG NEWS

Leave a Comment