डाक विभाग के नियम कानून पोस्टमास्टर आशीष चांटे के सामने ठेंगे पर ?
शिकायत पुस्तिका ‘लॉकर’ में कैद, समय सारणी में भी बदलाव का आरोप

घोड़ाडोंगरी। देशभर में डाक विभाग को आधुनिक और डिजिटल लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन घोड़ाडोंगरी का डाकघर इन दावों को ठेंगा दिखाता नजर आ रहा है। यहां पोस्टमास्टर की कथित लापरवाही और मनमानी के कारण ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, घोड़ाडोंगरी डाकघर के नियमित पोस्टमास्टर सुनील गोहे अवकाश पर हैं और उनका प्रभार आशीष चाटे को सौंपा गया है। आरोप है कि प्रभारी पोस्टमास्टर समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते, जिससे डाक संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बुधवार को तो स्थिति यह रही कि प्रभारी पोस्टमास्टर कार्यालय पहुंचे ही नहीं और सुबह से ही उपभोक्ता अपने कार्यों के लिए भटकते नजर आए।
महत्वपूर्ण दस्तावेजों के लिए भटक रहे लोग
ग्रामीणों का आरोप है कि एटीएम कार्ड, चेक बुक, आधार कार्ड, पार्सल, मनी ऑर्डर, स्पीड पोस्ट, शासकीय सूचनाएं और अन्य जरूरी दस्तावेज समय पर वितरित नहीं किए जा रहे हैं। सुकन्या समृद्धि योजना, डाक बीमा और लेनदेन से जुड़े कार्यों के लिए भी उपभोक्ताओं को लगातार चार दिन से डाकघर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
उपभोक्ता मंजूस बंसल ने बताया कि वे पिछले तीन-चार दिनों से पैसे के लेनदेन के लिए डाकघर आ रहे हैं, लेकिन हर बार निराश होकर लौटना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क नंबर तक कार्यालय में उपलब्ध नहीं हैं।

शिकायत पुस्तिका भी उपभोक्ताओं की पहुंच से दूर
डाक विभाग द्वारा उपभोक्ताओं की शिकायत दर्ज करने के लिए उपलब्ध कराई गई शिकायत पुस्तिका भी कथित रूप से लॉकर में बंद रखी जाती है। उपभोक्ता यदि अपनी समस्या दर्ज करना चाहें तो उन्हें शिकायत पुस्तिका आसानी से उपलब्ध नहीं कराई जाती, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।

समय सारणी में बदलाव का आरोप
डाकघर में प्रदर्शित समय सारणी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि काउंटर का निर्धारित समय शाम 4 बजे तक है, लेकिन उसे बदलकर दोपहर 2 बजे तक कर दिया गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि समय सारणी में इस तरह का बदलाव विभागीय नियमों के विपरीत है और इससे लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ रहा है।

वरिष्ठ अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उपभोक्ताओं ने वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराएंगे।
घोड़ाडोंगरी डाकघर की स्थिति ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जमीनी स्तर पर डाक विभाग की सेवाएं वास्तव में उतनी ही मजबूत हैं, जितने बड़े दावे किए जाते हैं ?
इनका कहना मैं तीन-चार दिन से पैसे के लेनदेन को लेकर पोस्ट ऑफिस के चक्कर काट रहा हूं पर कार्यालय में पोस्ट मास्टर महोदय नदारत रहते हैं मंजूस बंसल उपभोक्ता डाक विभाग घोड़ाडोंगरी
