3 समिति प्रबंधक सस्पेंड, 24 लाइसेंस निरस्त, देखिए सूची
बैतूल। जिले में खाद वितरण में अनियमितताओं पर अब प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा ई-विकास प्रणाली की लगातार मॉनिटरिंग के दौरान बड़ा खुलासा हुआ, जिसमें कई समितियों और निजी विक्रेताओं द्वारा बिना ई-टोकन के खाद वितरण किया जाना सामने आया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल कड़ा एक्शन लेते हुए अंधारिया, सोनेगांव और डंगारिया समितियों के प्रबंधकों को निलंबित कर दिया है। वहीं एक प्रभारी कर्मचारी को सेवा से पृथक करने का नोटिस जारी किया गया है।
ई-टोकन नियम तोड़ने वालों पर गिरी गाज
किसान कल्याण तथा कृषि विकास उप संचालक डॉ. आनंद कुमार बडोनिया ने जानकारी देते हुए बताया कि 3 अप्रैल को आईएफएमएस पोर्टल से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिले के 24 खुदरा विक्रेताओं ने नियमों का उल्लंघन करते हुए कुल 94.359 मीट्रिक टन उर्वरक का विक्रय किया। इस पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए सभी 24 फर्मों के उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए।
कानूनी शिकंजा भी कसा
यह कार्रवाई आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3(1) और उर्वरक (गुण नियंत्रण) आदेश 1985 की धारा 35 के तहत की गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि खाद वितरण और बिक्री पर लगातार नजर रखी जाएगी और नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इन फर्मों पर गिरी कार्रवाई
निर्देशों का उल्लंघन करते पाए जाने पर प्राथमिक सहाकारी समिति अंधारिया, सोनेगांव, डंगरिया निजी विक्रेता में
- परमानंद चंद्रगोपाल खंडेलवाल बडोरा
- पीसी खंडेलवाल बैतूल गंज
- हरीदास किराना स्टोर चोपना
- विक्की ट्रडर्स डोढरामउ
- अन्नपूर्णा ट्रेडर्स आमडोह चोपना
- रावत कृषि सेवा केन्द्र ढूमुर
- कमलप्रसाद दिनानाथ साहू खेडलीबाजार
- वासू खाद भंडार बोरदेही
- गोपी साहू कृषि सेवा केन्द्र रतेडाकला
- सुमित खाद विक्रय केन्द्र मालेगांव
- सूर्यवंशी कृषि सेवा केन्द्र जमदेही कला
- वैष्णवी कृषि सेवा केन्द्र मुलताई
- दिव्यांशु खाद भंडार बोरदेही
- पंकज कृषि सेवा केन्द्र चिचोली
- गायत्री कृषि सेवा केन्द्र चिचोली
- तेजस कृषि सेवा केन्द्र खेडीकोर्ट
- दीक्षा कृषि सेवा केन्द्र गोहाची
- जय गुरूदेव कृषि सेवा केन्द्र सोहागपुर
- मार्का एफपीसी लिमि शीतलझिरी
- कृषि सेवा केन्द्र खेडलीबाजार
- मां यमुना कृषि सेवा केन्द्र मोही के लाइसेंस में लंबित किए गए है।
प्रशासन ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे केवल ई-विकास पोर्टल के माध्यम से ई-टोकन लेकर ही खाद प्राप्त करें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सके। बैतूल में अब खाद वितरण में गड़बड़ी करने वालों की खैर नहीं—प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है।

