पुलिस की त्वरित कार्रवाई, BNS धारा 69 में मामला दर्ज कर आरोपी पहुंचा जेल
बैतूल/सारनी। सत्ता, रुतबा और एक सुरक्षित भविष्य का लालच दिखाकर किस तरह से एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह किया जा सकता है, इसका एक जीता-जागता और शर्मनाक उदाहरण सारनी थाना क्षेत्र के पाथाखेड़ा से सामने आया है। यहाँ वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के एक कर्मचारी ने अपनी नौकरी का रौब दिखाकर एक शादीशुदा महिला को अपने प्रेम जाल में फंसाया और फिर एक सोची-समझी साजिश के तहत उसकी जिंदगी को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
नौकरी का रुतबा और झूठे वादों का जाल
सारनी थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी रोहित पिता रामा सूर्यवंशी (31 वर्ष), निवासी जेरी चौक, शोभापुर (पाथाखेड़ा) ने पीड़िता को उसके बच्चों के बेहतर पालन-पोषण का प्रलोभन दिया था। उसने महिला को शादी का झूठा झांसा दिया और अपनी WCL की नौकरी का रुतबा दिखाकर उसे अपने विश्वास में ले लिया। एक बेहतर भविष्य और बच्चों की अच्छी परवरिश की उम्मीद में महिला उसके बिछाए भावनात्मक जाल में फंस गई।
4 साल तक दरिंदगी और बच्चों को जान से मारने की खौफनाक धमकी
आरोपी की मंशा शुरुआत से ही केवल महिला का शोषण करने की थी। पिछले चार सालों से वह लगातार महिला की मजबूरी का फायदा उठाकर उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। दरिंदगी की हद तो तब पार हो गई जब आरोपी ने विरोध करने पर महिला के मासूम बच्चों को जान से मारने की धमकियां देना शुरू कर दिया। खौफ के साये में आरोपी अपनी मनमर्जी के मुताबिक महिला को अलग-अलग जगहों पर ले जाकर उसकी आबरू से खेलता रहा।
जानबूझकर तबाह की गई एक और जिंदगी
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे स्याह पहलू यह है कि आरोपी ने सिर्फ शारीरिक शोषण नहीं किया, बल्कि एक शादीशुदा महिला के घर को पूरी तरह तोड़ दिया। आरोपी की हरकतों के कारण महिला के परिवार में गंभीर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। जब महिला ने लगातार हो रहे शोषण के बाद शादी करने का दबाव बनाया, तो आरोपी ने अपना असली रंग दिखाते हुए शादी से साफ इनकार कर दिया। यह स्पष्ट दर्शाता है कि एक WCL कर्मचारी ने अपनी हवस मिटाने के बाद जानबूझकर एक और जिंदगी को बर्बादी के अंधेरे में धकेल दिया।
पुलिस की सख्त कार्रवाई, आरोपी पहुंचा सलाखों के पीछे
प्रताड़ना, धोखे और धमकियों से तंग आकर अंततः पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और सारनी पुलिस थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। फरियादिया की रिपोर्ट पर आरोपी रोहित सूर्यवंशी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दिनांक 04 अप्रैल 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद, आज दिनांक 05 अप्रैल 2026 को पुलिस द्वारा उसे माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर इस कृत्य के आरोपी को जिला जेल बैतूल भेज दिया गया है।

