बंद क्वार्टर से उठी बदबू ने किया खुलासा, सुसाइड नोट में कर्ज का जिक्र, पुलिस जांच में जुटी
बैतूल/सारनी। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (एमपीपीजीसीएल) में कार्यरत 35 वर्षीय कर्मचारी ने अपने सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस दर्दनाक घटना का खुलासा तीन दिन बाद तब हुआ, जब बंद कमरे से उठ रही तेज दुर्गंध ने पड़ोसियों को चौंका दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खोलते ही युवक का शव फंदे पर लटका मिला, जो सड़ चुका था।
बंद कमरे में तीन दिन तक लटका रहा शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान रोहित विश्वकर्मा (35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो वार्ड क्रमांक 8 स्थित सुपर डी-358 क्वार्टर में अकेले रहता था। वह एमपीपीजीसीएल के ऑपरेशन-4 विभाग में कार्यरत था। शुक्रवार को ड्यूटी से लौटने के बाद से वह बाहर नहीं निकला। सोमवार सुबह बदबू आने पर पड़ोसियों ने सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने दरवाजा खोलकर शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिवार दूर, अकेलेपन और कर्ज ने बढ़ाया दबाव
मृतक मूल रूप से भोपाल का रहने वाला था और सारनी में अकेले निवास कर रहा था। उसकी पत्नी हरदा जिले में शासकीय सेवा में पदस्थ हैं, जबकि दोनों बच्चे मां के साथ रहते हैं। बताया जा रहा है कि रोहित लंबे समय से आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में था।
सुसाइड नोट मिला, कर्ज का जिक्र, जांच जारी
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें कर्ज और पैसों के लेनदेन का उल्लेख है, लेकिन किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिखा गया है। थाना प्रभारी जयपाल इवनाती के अनुसार, मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

