112 ने पहुंचाया अस्पताल, लेकिन न FIR दर्ज, न आरोपियों पर कार्रवाई, देखिए क्या है मामला ?

बैतूल/सारणी। जिले के गाड़ाघाट इलाके में हुई एक गंभीर घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रेमिका से मिलने पहुंचे सारणी निवासी युवक की बीच सड़क पर बेरहमी से पिटाई कर दी गई, लेकिन पुलिस की भूमिका सिर्फ घायल को अस्पताल पहुंचाने तक सीमित रह गई। हैरानी की बात यह है कि इस सनसनीखेज मारपीट के बावजूद अब तक न तो कोई FIR दर्ज हुई है और न ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
सड़क पर ‘तालिबानी’ अंदाज में पिटाई
रविवार शाम टिकारी रोड स्थित गाड़ाघाट में संदीप पाटिल (पिता किसान पाटिल, वार्ड क्रमांक–1, सारणी) को युवती के परिजनों ने पकड़ लिया और बीच सड़क पर बेरहमी से पीटा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक दर्द से तड़पता रहा, लेकिन हमलावरों पर किसी तरह का डर नहीं दिखा। सरेआम हुई इस घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन इसके बाद पुलिस की सक्रियता पूरी तरह थम गई। न तो हमलावरों की पहचान की गई और न ही घटना की गहराई से जांच की गई। घायल के बयान दर्ज करने में भी पुलिस ने कोई तत्परता नहीं दिखाई।
न FIR, न कार्रवाई—पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद पुलिस ने स्वतः संज्ञान नहीं लिया। घटना के काफी समय बाद भी थाने में इस मामले को लेकर कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। खुलेआम कानून हाथ में लेने वाले आरोपी अब भी बेखौफ घूम रहे हैं, लेकिन पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस पूरे घटनाक्रम ने बैतूल पुलिस की सक्रियता और कानून व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। एक तरफ पीड़ित युवक अस्पताल में गंभीर हालत में है, वहीं दूसरी ओर पुलिस की चुप्पी अपराधियों के हौसले बुलंद कर रही है। आम लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या बैतूल में सरेआम हिंसा करना आम बात हो गई है? और क्या पुलिस किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है ? यह मामला केवल एक मारपीट की घटना नहीं, बल्कि पुलिस की उदासीनता और कमजोर होती कानून व्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे मामलों में अपराधियों के हौसले और बढ़ सकते हैं।
इनका कहना है - मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है, मैं जानकारी लेकर बताता हूं। देवकरण डेहरिया, थाना प्रभारी, कोतवाली बैतूल

