भ्रष्टाचार के दलदल में डूबी चोपना पंचायत
गायब हुए लाखों रुपए, सरकार के निर्देशों की उड़ धज्जियां
जीत आम्रवंशी, 9691851267
चोपना। मध्य प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार रोकने के लिए लगातार अधीनस्थों को नसीहत दे रही है, लेकिन इन नसीहतों का असर होता नहीं दिख रहा है। घोड़ाडोंगरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत चोपना में भ्रष्टाचार का आलम चारों तरफ फैला हुआ है। हर विकास कार्य सिर्फ कागजों पर ही होते दिखाई देते हैं, धरातल पर कोई भी विकास नजर नहीं आता।
सड़क बनी नहीं, लाखों में पैसे निकाल लिए गए
चोपना-3 में 2023 को मनरेगा एवं 15 वें वित्तीय योजना के अंतर्गत टूरी बाला के घर से ठाकुर के घर तक लगभग 170 मीटर सड़क निर्माण किया जाना था, लेकिन ग्राम पंचायत चोपना के पदाधिकारी द्वारा बगैर सड़क निर्माण कराए लगभग 3 लाख रुपये निकाल लिए गए।
खुलेआम हो रहा शासन के पैसों का बंदरबाट
ग्राम पंचायत चोपना में पंचायत पदाधिकारी खुलेआम विकास के नाम पर भ्रष्टाचार कर शासन के पैसों का बंदरबाट कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि अफसरों ने भ्रष्टाचार की शिकायत को नजरअंदाज कर जांच कराने तक की जहमत नहीं उठाई है।
इस कांड का जिम्मेदार मास्टरमाइंड कौन ?
सवाल यह उठता है कि आखिर इस भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार कौन है ? क्या पंचायत पदाधिकारी अकेले ही इस लूट में शामिल हैं, या फिर इसमें कुछ और बड़े अधिकारियों का भी हाथ है ?
उक्त विषय के संबंध में चोपना सरपंच मीरा नौरे के दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया किंतु उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।
इनका कहना है –
(1) जिस सड़क निर्माण की आप बात कर रहे हैं यह मेरे कार्यकाल का नहीं है। मुझे अभी चोपना पंचायत में प्रभार संभाले एक महीना हुआ है। इसके लिए आप पूर्व सचिव प्रदीप बसु से संपर्क करें।
विनोद चौरसिया, सचिव ग्राम पंचायत चोपना
(2) कुछ कारणवश कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। इसलिए कुछ जनप्रतिनिधियों के द्वारा मेरा ट्रांसफर करा दिया गया था। मुझे इतनी जानकारी है कि गिट्टी, रेत, सीमेंट के पैसे निकाले गए थे। सरपंच से बात हुई है जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य पूर्ण किया जाएगा।
प्रदीप बसु, सचिव ग्राम पंचायत बादलपुर