कलश यात्रा से शुरुआत, सैकड़ों श्रद्धालु उमड़े; 52 वर्षों के उपवास संकल्प वाले दादाजी आकर्षण का केंद्र
छिंदवाड़ा तहसील के ग्राम नेर में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। चमत्कारिक श्री शिव शंभूधाम दादा दरबार नेर के तत्वावधान में आयोजित श्री श्री दिव्य नवचंडी नवकुंडीय हवनात्मक महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ।
यह महायज्ञ 20 मार्च से 28 मार्च तक विधिवत रूप से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालुओं का लगातार आगमन हो रहा है। उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, राजस्थान सहित भोपाल, जबलपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, बैतूल और छिंदवाड़ा जिले से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
इस आयोजन का सबसे विशेष आकर्षण दादा दरबार के दादाजी हैं, जो पिछले 52 वर्षों से कठोर उपवास संकल्प के तहत केवल फलाहार एवं दुग्धाहार पर रहकर तपस्या कर रहे हैं। वे इस दौरान माता के जवारे अपने शरीर पर धारण किए हुए हैं, जिसे देखने श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और उत्सुकता देखी जा रही है।

महायज्ञ के दौरान धर्मप्रेमी जन बड़ी संख्या में उपस्थित होकर पूजा-अर्चना में भाग ले रहे हैं। आयोजन समिति के अनुसार इस धार्मिक अनुष्ठान में नेर के पं. परशुराम मिश्रा शास्त्री, पं. निशांत कृष्ण मिश्रा शास्त्री एवं पं. प्रशांत मिश्रा शास्त्री सहित अन्य विद्वान आचार्य शामिल होकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ सम्पन्न करा रहे हैं।
यज्ञ एवं देवी पूजन (सहस्त्रार्चन) प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा शुभ यज्ञ बेला दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जा रही है।
पूरे आयोजन को लेकर क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल है और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। यह महायज्ञ न केवल आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का भी संचार कर रहा है।

